Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva: समझना बहुत जरूरी है क्योंकि Tyohar केवल मिठाई, कपड़े और Decoration तक सीमित नहीं होते। हर Tyohar के पीछे एक गहरा Spiritual Message छुपा होता है। Adhyatmik Mahatva का मतलब है।
आत्मा से जुड़ा महत्व। जब हम Tyohar मनाते हैं, तब हम भगवान को याद करते हैं, पूजा करते हैं और अपने अंदर झांकने की कोशिश करते हैं। यही असली Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva है। आज के समय में लोग त्योहार को सिर्फ Celebration और Social Media Post तक सीमित कर देते हैं।
लेकिन अगर हम गहराई से सोचें तो हर त्योहार हमें कुछ सिखाता है। कोई Tyohar सिखाता है कि बुराई का अंत निश्चित है, कोई Tyohar सिखाता है कि परिवार का साथ जरूरी है, तो कोई Tyohar हमें धैर्य और भक्ति का महत्व समझाता है।
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva हमें यह भी बताता है कि जीवन केवल पैसा कमाने के लिए नहीं है, बल्कि आत्मिक शांति भी जरूरी है। जब हम सच्चे मन से Tyohar मनाते हैं, तब हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में संतुलन आता है।
Deepawali Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और उसका सच्चा संदेश
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva दीपावली में बहुत साफ दिखाई देता है। दीपावली अंधकार पर प्रकाश की जीत का पर्व है। इस दिन भगवान राम चौदह साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। लोगों ने खुशी में दीप जलाए थे। लेकिन दीपावली का असली मतलब सिर्फ दीप जलाना नहीं है।
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva यह सिखाता है कि हमें अपने अंदर के अंधकार को खत्म करना चाहिए। अंधकार का मतलब है क्रोध, लालच, ईर्ष्या और गलत सोच। जब हम दीप जलाते हैं तो वह हमें याद दिलाता है कि हमें अपने जीवन में सच्चाई और अच्छाई को अपनाना चाहिए।

घर की सफाई करने का मतलब केवल बाहर की सफाई नहीं बल्कि मन की सफाई भी है। Deepawali हमें सिखाती है कि अगर हम धैर्य और सच्चाई का रास्ता चुनें तो अंत में जीत हमारी ही होती है। यही Deepawali का असली Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva है।
Holi Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और प्रेम का संदेश
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva Holi में भी गहराई से छुपा हुआ है। Holi बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व Prahlad की सच्ची भक्ति की याद दिलाता है। Holika Dahan हमें बताता है कि अहंकार और अन्याय ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकते।
रंगों की Holi केवल मस्ती नहीं है, बल्कि यह प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है। Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva हमें सिखाता है कि हमें अपने मन के भेदभाव को मिटाना चाहिए। जब हम एक-दूसरे को रंग लगाते हैं, तो हम यह संदेश देते हैं कि सब बराबर हैं।

Holi हमें यह भी सिखाती है कि जीवन में खुशी जरूरी है। लेकिन खुशी के साथ विनम्रता और सम्मान भी होना चाहिए। Holi का असली Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva यह है कि सच्ची भक्ति और सच्चाई हमेशा जीतती है।
Navratri Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और शक्ति की उपासना
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva Navratri में शक्ति की पूजा के रूप में दिखाई देता है। इन नौ दिनों में मां Durga के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। Navratri हमें सिखाती है कि शक्ति और संयम दोनों जरूरी हैं।
व्रत रखने का मतलब केवल खाना छोड़ना नहीं है। इसका मतलब है अपने मन और इंद्रियों पर नियंत्रण रखना। Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva हमें यह समझाता है कि जब बुराई बढ़ती है तो शक्ति का जागना जरूरी है। Navratri नारी शक्ति का सम्मान करने का पर्व भी है।

यह त्योहार हमें आत्मविश्वास और साहस देता है। Navratri का असली महत्त्व यह है कि हर इंसान के अंदर शक्ति छुपी होती है, बस उसे पहचानने की जरूरत है। और साथ ही हमें बहुत कुछ जानने को भी मिलता है की पूजा पाढ़ कितना जरुरी है हमारे लिए।
Janmashtami Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और जीवन का सच्चा ज्ञान
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva Janmashtami में भगवान Krishna के जन्म से जुड़ा हुआ है। Krishna का जन्म अंधेरी रात में जेल के अंदर हुआ था। यह हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थिति में भी आशा की किरण होती है। Janmashtami का Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva यही है।
कि जब जीवन में अन्याय बढ़ता है, तब सत्य और धर्म की रक्षा के लिए शक्ति जन्म लेती है। Krishna ने अपने जीवन में प्रेम, नीति और कर्तव्य का महत्व समझाया। उन्होंने यह सिखाया कि हमें हर परिस्थिति में धैर्य रखना चाहिए। Dahi Handi केवल एक खेल नहीं है।

बल्कि यह एकता और Teamwork का प्रतीक है। Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva Janmashtami में यह भी बताता है कि जीवन में खुशी और भक्ति दोनों जरूरी हैं। अगर मन में विश्वास हो तो हर मुश्किल आसान लगती है।
Makar Sankranti Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और नई शुरुआत
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva Makar Sankranti में सूर्य की उपासना के रूप में दिखाई देता है। इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं, जिसका अर्थ है कि अंधकार कम होता है और प्रकाश बढ़ता है। यह Tyohar हमें नई शुरुआत का संदेश देता है।
तिल और गुड़ खाने की परंपरा केवल स्वाद के लिए नहीं है। इसका मतलब है कि हमें अपने व्यवहार में मिठास लानी चाहिए। Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva हमें सिखाता है कि रिश्तों में कड़वाहट नहीं बल्कि प्रेम होना चाहिए।

पतंग उड़ाना भी एक प्रतीक है। जब पतंग आसमान में उड़ती है तो वह हमें ऊंचा लक्ष्य रखने की प्रेरणा देती है। Makar Sankranti का महत्त्व यही है कि जीवन में हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए और सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।
Raksha Bandhan Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और रिश्तों की पवित्रता
Raksha Bandhan में भाई और बहन के पवित्र रिश्ते के रूप में दिखाई देता है। राखी केवल एक धागा नहीं है, बल्कि यह विश्वास और सुरक्षा का वचन है। इस Tyohar का Adhyatmik Mahatva हमें सिखाता है कि रिश्तों की रक्षा करना भी एक धर्म है।

भाई अपनी बहन की सुरक्षा का वादा करता है और बहन उसके सुख की कामना करती है। Raksha Bandhan हमें यह भी सिखाता है कि परिवार जीवन की सबसे बड़ी ताकत है। जब परिवार साथ होता है तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। यह बताता है कि सच्चे रिश्ते ही जीवन को मजबूत बनाते हैं।
Maha Shivratri Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और आत्मचिंतन
Maha Shivratri में भगवान Shiva की भक्ति के रूप में दिखाई देता है। यह Tyohar संयम, साधना और ध्यान का प्रतीक है। Shivratri की रात जागकर पूजा करना केवल परंपरा नहीं है। इसका मतलब है अपने मन को शांत करना और आत्मचिंतन करना।

Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva हमें सिखाता है कि क्रोध, अहंकार और लालच को छोड़कर सादगी अपनानी चाहिए। भगवान Shiva सादगी और संतुलन के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि शक्ति और शांति साथ-साथ चल सकती हैं। Maha Shivratri त्यौहार यही है कि मन को नियंत्रित करके हम जीवन में शांति पा सकते हैं।
Ram Navami Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और आदर्श जीवन
Ram Navami का Tyohar केवल भगवान Ram के जन्म का उत्सव नहीं है, बल्कि यह आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है। भगवान Ram को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है क्योंकि उन्होंने हर परिस्थिति में धर्म, सत्य और कर्तव्य का पालन किया।

उनका जीवन हमें सिखाता है कि सम्मान, त्याग और ईमानदारी ही सच्ची शक्ति है। Ram Navami का Adhyatmik Mahatva यह बताता है कि कठिन समय में भी हमें सही मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। भगवान Ram ने माता-पिता की आज्ञा का पालन किया, प्रजा की रक्षा की और न्याय को सर्वोपरि रखा।
यह पर्व हमें याद दिलाता है कि आदर्श चरित्र, धैर्य और करुणा से ही जीवन सफल बनता है। Ram के गुण अपनाकर हम अपना जीवन बेहतर और सार्थक बना सकते हैं।
Ganesh Chaturthi Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और नई शुरुआत का संदेश
Ganesh Chaturthi का Tyohar केवल उत्सव नहीं बल्कि गहरा Adhyatmik संदेश देता है। यह दिन भगवान Ganesh की पूजा से जुड़ा है जिन्हें vighnaharta कहा जाता है यानी जो जीवन की बाधाएँ दूर करते हैं। हर शुभ काम से पहले Ganesh की पूजा करना हमें याद दिलाता है कि शुरुआत हमेशा Positive सोच से करनी चाहिए।

Tyohar का Adhyatmik अर्थ है कि बुद्धि, धैर्य और विश्वास से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है। Ganesh chaturthi विनम्रता का भी पाठ सिखाता है। अपार शक्ति होने के बाद भी अहंकार न रखना ही सच्ची भक्ति है। यह tyohar हमें नई शुरुआत, आत्मविश्वास और शुद्ध मन से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। यही इसका सच्चा adhyatmik महत्व है।
Karwa Chauth Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और विश्वास की ताकत
Karwa Chauth में पति-पत्नी के विश्वास और समर्पण के रूप में दिखाई देता है। इस दिन विवाहित महिलाएँ अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। लेकिन Karwa Chauth का मतलब केवल व्रत रखना नहीं है।
इसका असली Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva है आपसी भरोसा और प्रेम। चाँद को देखकर व्रत खोलना एक प्रतीक है कि जीवन में धैर्य रखना जरूरी है। यह Tyohar हमें सिखाता है कि रिश्ते केवल शब्दों से नहीं बल्कि त्याग और समझ से मजबूत होते हैं।

आज के समय में कई जगह पति भी पत्नी के लिए व्रत रखते हैं। इससे यह संदेश मिलता है कि रिश्ता बराबरी का होता है। Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva यही है कि परिवार की नींव विश्वास पर टिकी होती है। Karwa Chauth हमें यह भी सिखाता है कि प्रेम में शक्ति होती है और सच्चा साथ जीवन को खुशहाल बना देता है।
Chhath Puja Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और प्रकृति से जुड़ाव
Chhath Puja का Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva सूर्य उपासना और प्रकृति से गहरे जुड़ाव में दिखाई देता है। यह पर्व खासकर बिहार और पूर्वी भारत में अत्यंत श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाया जाता है। डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा हमें जीवन के चक्र और संतुलन का सम्मान करना सिखाती है।

सूर्य को ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन का स्रोत माना गया है, इसलिए यह पर्व कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम भी है। Chhath Puja में स्वच्छता, संयम और सादगी पर विशेष जोर दिया जाता है, जो बाहरी ही नहीं बल्कि आंतरिक शुद्धता का संदेश देता है। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि मनुष्य और प्रकृति का रिश्ता अटूट है। प्रकृति के प्रति सम्मान और संतुलित जीवन ही सच्चा आध्यात्मिक मार्ग है।
Guru Purnima Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और ज्ञान का महत्व
Guru Purnima Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और ज्ञान का महत्व Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva Guru Purnima में गुरु के सम्मान के रूप में दिखाई देता है। गुरु हमें सही रास्ता दिखाते हैं। Hindu परंपरा में गुरु को भगवान से भी ऊँचा स्थान दिया गया है।
Guru Purnima का Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva यह है कि ज्ञान के बिना जीवन अधूरा है। गुरु हमें अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाते हैं। यह Tyohar हमें सिखाता है कि हमें अपने शिक्षक और मार्गदर्शक का सम्मान करना चाहिए।

जीवन में सफलता केवल मेहनत से नहीं बल्कि सही मार्गदर्शन से मिलती है। Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva Guru Purnima में यह बताता है कि सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए। ज्ञान ही असली संपत्ति है।
Basant Panchami Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और नई ऊर्जा
Basant Panchami का Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva मां Saraswati की पूजा से जुड़ा हुआ है, जिन्हें ज्ञान, बुद्धि और कला की देवी माना जाता है। इस दिन लोग शिक्षा, संगीत और रचनात्मकता के महत्व को याद करते हैं। Basant ऋतु की शुरुआत प्रकृति में नई ताजगी और नई ऊर्जा लेकर आती है।
जो जीवन में सकारात्मक बदलाव का संकेत देती है। पीला रंग इस पर्व का मुख्य प्रतीक है, जो खुशहाली, आशा और उत्साह को दर्शाता है। यह Tyohar हमें प्रेरित करता है कि हम अपने जीवन में ज्ञान को सबसे बड़ा धन मानें और सीखते रहने की आदत विकसित करें।

पढ़ाई, कला और संगीत व्यक्ति के विचारों को सुंदर बनाते हैं और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। Basant Panchami हमें यह भी सिखाता है कि सही ज्ञान से हर कठिनाई का समाधान संभव है। यही इस पर्व का सच्चा महत्त्व है, जो हमें उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
Hanuman Jayanti Ka Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva और भक्ति की शक्ति
Hanuman Jayanti का Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva भक्ति, सेवा और आस्था से जुड़ा हुआ है। इस दिन भगवान Hanuman का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। Hanuman Ji को शक्ति, साहस, निष्ठा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
उन्होंने अपने जीवन में हमेशा भगवान Ram की सेवा की और धर्म की रक्षा के लिए हर कठिनाई का सामना किया। यह पर्व हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति में अपार शक्ति होती है और विश्वास के साथ किया गया हर कार्य सफल हो सकता है। Hanuman Jayanti का हमें विनम्रता, सेवा और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा देता है।

Hanuman Ji जितने बलवान थे, उतने ही सरल और दयालु भी थे। यही संदेश हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए, ताकि हम कठिन समय में भी धैर्य और विश्वास बनाए रखें। यह पर्व आत्मबल, भक्ति और अच्छे कर्मों की ओर आगे बढ़ने का मार्ग दिखाता है।
Tyohar Par Bani Mashhoor Movies Aur Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva केवल धार्मिक ग्रंथों में ही नहीं बल्कि कई Movies में भी दिखाया गया है। Indian Cinema में कई ऐसी Films बनी हैं जिनमें परिवार, परंपरा और Tyohar की भावना को खूबसूरती से दिखाया गया है।
जैसे Hum Saath Saath Hain में परिवार के साथ Diwali और अन्य Tyohar मनाने की परंपरा दिखाई गई है। इस Film में संयुक्त परिवार और संस्कार का महत्व बताया गया है। इसी तरह Vivah में Hindu रीति-रिवाज और पारिवारिक मूल्यों को दिखाया गया है।
भगवान Ram की कहानी पर आधारित Ramayana The Legend of Prince Rama में Deepawali और Ram Navami का भावनात्मक महत्व समझाया गया है। इन Movies में Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva साफ दिखाई देता है कि Tyohar केवल उत्सव नहीं बल्कि परिवार, प्रेम और संस्कार का प्रतीक हैं।
Aaj Ke Samay Mein Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva Kaise Samjhen
आज के Digital समय में Tyohar मनाने का तरीका बदल गया है। लोग Social Media पर Photo और Status डालकर Tyohar मनाते हैं। लेकिन Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva केवल Online Post तक सीमित नहीं होना चाहिए।
हमें समझना होगा कि Tyohar का असली अर्थ आत्मिक शांति और सकारात्मक सोच है। अगर हम केवल दिखावे के लिए Tyohar मनाते हैं तो उसका असली महत्व खो जाता है। Tyohar Ka Mahatva हमें यह सिखाता है कि हमें समय निकालकर परिवार के साथ बैठना चाहिए।
बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए और जरूरतमंद की मदद करनी चाहिए। जब हम Tyohar को सच्चे मन से मनाते हैं, तब हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इसलिए आज के समय में भी Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva उतना ही जरूरी है जितना पहले था।
Bachchon Ko Kaise Samjhayen Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva
बच्चों को Tyohar का Adhyatmik Mahatva समझाना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे वे सिर्फ छुट्टी, मिठाई या पटाखों तक सीमित नहीं रहते बल्कि उसके असली अर्थ को भी जान पाते हैं। माता-पिता और शिक्षक को चाहिए कि वे Tyohar की कहानियां सरल भाषा में सुनाएं।
और उनके पीछे छिपे संदेश को समझाएं। जैसे Deepawali अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है, Holi प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है, और Navratri शक्ति व आत्मविश्वास का महत्व बताती है। जब बच्चे इन बातों को समझते हैं तो उनके अंदर नैतिक मूल्य, सम्मान, धैर्य और भक्ति की भावना विकसित होती है।
Read Also-Vrat me kya khaye aur kya na khaye सरल नियम
Tyohar परिवार और समाज को जोड़ने का भी माध्यम हैं, जिससे बच्चों में अपनापन और संस्कार मजबूत होते हैं। अगर हम बचपन से ही उन्हें Tyohar का सही अर्थ बताएंगे, तो वे अपनी संस्कृति पर गर्व करेंगे और आगे चलकर इन परंपराओं को सही रूप में अगली पीढ़ी तक पहुंचाएंगे।
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva Aur Samaj Par Iska Prabhav
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज पर गहरा प्रभाव डालता है। Tyohar लोगों को एक साथ लाने का काम करते हैं, जिससे आपसी प्रेम, भाईचारा और विश्वास मजबूत होता है। जब लोग मिलकर पूजा, प्रार्थना और उत्सव मनाते हैं।
तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है। Tyohar हमें दान, सेवा और दूसरों की मदद करने की प्रेरणा भी देते हैं। कई लोग इस समय जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और सहायता प्रदान करते हैं, जिससे सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ती है। Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva हमें सिखाता है कि खुशी बांटने से बढ़ती है।
और मिलजुलकर रहने से समाज मजबूत बनता है। इसके साथ ही Tyohar समाज में शांति, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस तरह Tyohar न केवल आध्यात्मिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम बनते हैं।
त्योहार का आध्यात्मिक महत्व क्या होता है?
त्योहार का आध्यात्मिक महत्व मतलब वह गहरा अर्थ है जो हमारी आत्मा और सोच से जुड़ा होता है। त्योहार केवल खुशियां मनाने के लिए नहीं होते, बल्कि आत्मिक शांति पाने का अवसर भी देते हैं। यह हमें भगवान से जुड़ने और अपने अंदर झांकने की प्रेरणा देते हैं। हर त्योहार जीवन के लिए कोई न कोई सीख लेकर आता है। इससे मन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन बढ़ता है।
हिंदू त्योहार हमें क्या सिखाते हैं?
हिंदू त्योहार हमें प्रेम, भक्ति और अच्छे संस्कारों की सीख देते हैं। हर त्योहार के पीछे एक कहानी और गहरा संदेश छुपा होता है। दीपावली अच्छाई की जीत सिखाती है और होली भाईचारे का संदेश देती है। नवरात्रि शक्ति और आत्मविश्वास का महत्व समझाती है। इन त्योहारों से हम सही जीवन मूल्य सीखते हैं।
आज के समय में त्योहार का आध्यात्मिक महत्व कैसे समझें?
आज लोग त्योहार को सोशल मीडिया और दिखावे तक सीमित कर देते हैं। लेकिन असली महत्व मन से त्योहार को महसूस करने में है। पूजा, प्रार्थना और परिवार के साथ समय बिताना जरूरी है। इससे मन को शांति और जीवन में सकारात्मक सोच मिलती है। सच्चे मन से मनाया गया त्योहार ही आध्यात्मिक लाभ देता है।
बच्चों को त्योहार का आध्यात्मिक महत्व कैसे समझाएं?
बच्चों को त्योहारों की कहानियां सरल भाषा में सुनानी चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि हर त्योहार कोई अच्छी सीख देता है। पूजा और पारिवारिक गतिविधियों में उन्हें शामिल करना चाहिए। इससे उनके अंदर संस्कार और सम्मान की भावना बढ़ती है। बचपन से सही समझ मिलने पर वे अपनी संस्कृति से जुड़े रहते हैं।
निष्कर्ष
Tyohar Ka Adhyatmik Mahatva हमें सिखाता है कि जीवन केवल भागदौड़ और तनाव का नाम नहीं है। जीवन में भक्ति, प्रेम और संतुलन भी जरूरी है।हर Hindu Tyohar का एक गहरा संदेश है। Deepawali सिखाती है प्रकाश का महत्व, Holi सिखाती है प्रेम, Navratri सिखाती है शक्ति, Janmashtami सिखाती है धैर्य और Ram Navami सिखाती है मर्यादा।अगर हम Tyohar को केवल परंपरा मानकर नहीं बल्कि उसके Adhyatmik Mahatva को समझकर मनाएं, तो हमारा जीवन बदल सकता है।