Shanti Mantra: आज के समय में हर इंसान किसी न किसी परेशानी, तनाव या चिंता से घिरा हुआ है। मन कभी शांत नहीं रहता, विचार लगातार दौड़ते रहते हैं और इसी कारण जीवन में असंतुलन पैदा हो जाता है। ऐसे समय में शांति मंत्र मन और आत्मा को शांति देने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम माना गया है।
शांति मंत्र वे पवित्र मंत्र होते हैं, जिनका जाप करने से मन की अशांति दूर होती है, नकारात्मक विचार खत्म होते हैं और व्यक्ति के अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। Shanti Mantra केवल धार्मिक शब्द नहीं हैं, बल्कि ये हमारे मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने का रास्ता दिखाते हैं। वैदिक काल से ही ऋषि-मुनियों ने शांति मंत्रों का प्रयोग ध्यान, साधना, यज्ञ और पूजा में किया है। उनका मानना था कि बिना मन की शांति के कोई भी कार्य सफल नहीं हो सकता।
Shanti Mantra का जीवन में महत्व
Shanti Mantra का महत्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे जीवन से जुड़ा हुआ है। जब मन शांत होता है, तभी इंसान सही निर्णय ले पाता है। शांति मंत्र का एक नियम से जाप करने से इंसान का मानसिक तनाव कम होता है गुस्सा और चिड़चिड़ापन घटता है डर और घबराहट दूर होती है ध्यान और एकाग्रता बढ़ती है
आज जब लोग छोटी-छोटी बातों पर परेशान हो जाते हैं, तब शांति मंत्र एक ऐसा सहारा बनता है जो अंदर से मजबूत करता है। और मां को बहुत ही शांत रखता है और ऐसा करने से आपके मन की परेशानियां दूर हो जाती हैं
Shanti Mantra संस्कृत में क्यों?
शांति मंत्र मूल रूप से संस्कृत भाषा में रचे गए हैं। संस्कृत को देववाणी कहा जाता है, क्योंकि इसमें बोले गए हर शब्द की अपनी ध्वनि और ऊर्जा होती है। संस्कृत में बोले गए शांति मंत्र सीधे हमारे मन और मस्तिष्क पर असर करते हैं। यही कारण है कि जब हम मंत्रों का जाप करते हैं, तो हमें तुरंत शांति महसूस होती है।
Om Shanti Mantra का महत्व
ॐ को ब्रह्मांड की मूल ध्वनि कहा गया है। जब “ॐ शांति” का जाप किया जाता है, तो यह हमारे अंदर की बेचैनी को शांत करता है।ॐ शांति मंत्र का अर्थ है, ॐ – परमात्मा की शक्ति, शांति – मन, शरीर और आत्मा की स्थिरता यह मंत्र हमें सिखाता है कि असली शांति बाहर नहीं, बल्कि हमारे अंदर है।
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Om Shanti Mantra Lyrics
मंत्र
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
अर्थ
तीन बार “शांति” का उच्चारण हमारे जीवन के तीन स्तरों पर शांति की कामना करता है। पहली शांति आत्मा और मन के गहरे दुखों को शांत करने के लिए होती है, जिससे अंदर का डर और बेचैनी कम होती है। दूसरी शांति शरीर और प्रकृति से आने वाली परेशानियों जैसे बीमारी, दुर्घटना या मौसम से जुड़े कष्टों से रक्षा करती है। तीसरी शांति हमारे दैनिक जीवन की मानसिक उलझनों, तनाव और नकारात्मक सोच को शांत करने का संदेश देती है। इस मंत्र का नियमित जाप इंसान को भीतर से मजबूत, स्थिर और संतुलित बनाता है।
कब जाप करें
इस मंत्र का जाप सुबह उठते ही करने से दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ होती है। ध्यान या योग शुरू करने से पहले इसका उच्चारण करने से मन जल्दी एकाग्र होता है। जब मन बहुत बेचैन हो, घबराहट या डर महसूस हो, तब इस मंत्र का जाप तुरंत शांति देता है। किसी भी पूजा, हवन या धार्मिक कार्य के अंत में यह मंत्र वातावरण को शांत और पवित्र करता है। रात को सोने से पहले इसका जाप करने से नींद अच्छी आती है और मन हल्का महसूस करता है।
वैदिक शांति पाठ मंत्र
पूरा मंत्र
ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षँ शान्तिः।
पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः।
वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिः।
ब्रह्म शान्तिः सर्वँ शान्तिः।
शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
अर्थ
यह Shanti Mantra हमें यह सिखाता है कि शांति केवल एक इंसान की नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि की जरूरत है। इस मंत्र में सबसे पहले आकाश और अंतरिक्ष की शांति की बात कही गई है, क्योंकि वहीं से सारी ऊर्जा आती है। इसके बाद पृथ्वी, जल, पेड़-पौधों और औषधियों की शांति मांगी गई है, जो हमारे जीवन का आधार हैं। जब प्रकृति शांत रहती है, तभी इंसान का जीवन भी संतुलित और सुखी बनता है। अंत में यह प्रार्थना की जाती है कि जो शांति पूरे ब्रह्मांड में है, वही शांति हमारे मन और जीवन में भी आए।
कब जाप करें
इस Shanti Mantra का जाप घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। गृह प्रवेश के समय इसका जाप करने से नए घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। अगर घर में बार-बार तनाव, झगड़ा या मन की अशांति महसूस हो, तो सुबह-शाम इस मंत्र का जाप करें। हवन, यज्ञ या पूजा के समय यह मंत्र वातावरण को शुद्ध और शांत करता है। किसी बड़े काम, नए बिज़नेस या महत्वपूर्ण फैसले से पहले इसका जाप करने से मन स्थिर रहता है और डर कम होता है।

Shanti Mantra Lyrics सर्वे भवन्तु सुखिनः
पूरा मंत्र
सर्वे भवन्तु सुखिनः
सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु
मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
अर्थ
इस मंत्र का मतलब है कि हम केवल अपनी खुशी की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की भलाई की कामना करें। इसमें कहा गया है कि हर इंसान सुखी रहे, उसका जीवन परेशानी से दूर रहे और उसका मन शांत बना रहे। यह मंत्र हमें स्वार्थ से बाहर निकलकर दूसरों के लिए अच्छा सोचने की सीख देता है। जब हम सबके लिए अच्छा चाहते हैं, तब हमारे अपने जीवन में भी शांति और संतुलन अपने आप आने लगता है।
कब जाप करें
इस मंत्र का जाप रोज़ सुबह उठकर करने से दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ होती है। अगर बच्चों या परिवार के किसी सदस्य को लेकर चिंता हो, तो यह मंत्र बहुत लाभ देता है। समाज, देश या दुनिया में अशांति महसूस हो, तब यह मंत्र मन को हल्का करता है। इसे शांत मन से बोलने पर अंदर करुणा, धैर्य और अपनापन बढ़ता है।
Shanti Mantra Arth Sahit असतो मा सद्गमय
मंत्र
ॐ असतो मा सद्गमय
तमसो मा ज्योतिर्गमय
मृत्योर्मामृतं गमय
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
अर्थ
हे परमात्मा, जब मेरा मन गलत रास्ते पर भटकने लगे, तो मुझे सही रास्ता दिखाओ। जब जीवन में अंधकार, डर या नकारात्मक सोच छा जाए, तो मुझे आशा और प्रकाश की ओर ले चलो। जब मृत्यु, नुकसान या भविष्य का डर सताने लगे, तो मेरे भीतर हिम्मत और विश्वास भर दो। मुझे ऐसा ज्ञान दो जिससे मैं डर से ऊपर उठकर शांत और मजबूत जीवन जी सकूँ।
कब जाप करें
इस मंत्र का जाप तब करना बहुत लाभकारी होता है जब मन में डर, भ्रम या उलझन बनी रहती है। जब जीवन में सही दिशा समझ में न आ रही हो और फैसले लेना मुश्किल लग रहा हो। जब भविष्य को लेकर डर, असुरक्षा या अनजाना भय सताने लगे। सुबह ध्यान के समय या रात को सोने से पहले इसका जाप करने से मन हल्का और शांत महसूस करता है।
उपनिषद शांति मंत्र पढ़ाई और ज्ञान के लिए
मंत्र
ॐ सह नाववतु
सह नौ भुनक्तु
सह वीर्यं करवावहै
तेजस्विनावधीतमस्तु
मा विद्विषावहै
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
अर्थ
यह मंत्र गुरु और शिष्य दोनों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इसमें ईश्वर से प्रार्थना की जाती है कि गुरु और शिष्य दोनों की रक्षा हो और दोनों स्वस्थ रहें। यह मंत्र हमें सिखाता है कि पढ़ाई केवल अकेले करने से नहीं, बल्कि मिलकर सीखने से सफल होती है। इसमें यह कामना भी की जाती है कि जो ज्ञान हम पढ़ें, वह हमारे जीवन में उपयोगी बने और हमें आगे बढ़ाए। साथ ही यह मंत्र आपसी ईर्ष्या, जलन और मनमुटाव को दूर करके आपस में प्रेम और समझ बनाए रखता है।
कब जाप करें
इस मंत्र का जाप पढ़ाई शुरू करने से पहले करने से मन एकाग्र होता है और पढ़ा हुआ जल्दी समझ में आता है। परीक्षा के समय इसका जाप करने से डर और घबराहट कम होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है। बच्चों के लिए रोज़ सुबह यह मंत्र बोलने से पढ़ाई में रुचि बढ़ती है और आलस्य कम होता है। यदि गुरु और शिष्य के बीच मनमुटाव या गलतफहमी हो, तब भी इस मंत्र का जाप बहुत लाभकारी होता है। प्रतिदिन शांत मन से 3 या 11 बार इस मंत्र का जाप करने से ज्ञान और समझ धीरे-धीरे मजबूत होती जाती है।
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शांति मंत्र का जाप कैसे करें
- Shanti Mantra का जाप करते समय ऐसी जगह चुनें जहाँ शोर न हो और मन आसानी से शांत हो सके।
- जाप करते समय बैठने की मुद्रा आरामदायक रखें और रीढ़ की हड्डी सीधी रखें।
- मन को इधर-उधर भटकने न दें और पूरा ध्यान मंत्र पर लगाएँ।
- कोशिश करें कि रोज़ एक ही समय पर मंत्र का जाप करें, इससे मन जल्दी जुड़ने लगता है।
- मंत्र का जाप धीरे-धीरे और साफ उच्चारण के साथ करें।
- जाप की संख्या 11, 21 या 108 बार रखें, जितना संभव हो उतना नियमित रूप से करिए
Shanti Mantra से क्या लाभ होते हैं
Shanti Mantra से मन को गहरी शांति मिलती है और तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। रोज़ जाप करने से नकारात्मक सोच और बेवजह की चिंता दूर होती है। शांति मंत्र ध्यान लगाने की शक्ति बढ़ाता है और मन को एक जगह टिकने में मदद करता है। इसके जाप से घर का माहौल शांत और सकारात्मक बनता है। मन मजबूत होता है, जिससे आत्मविश्वास अपने आप बढ़ने लगता है। नियमित जाप से व्यक्ति अंदर से संतुलित और खुश महसूस करता है।
शांति मंत्र क्या होता है और इसका क्या मतलब है?
शांति मंत्र ऐसे पवित्र मंत्र होते हैं जिनका जाप मन और आत्मा को शांत करने के लिए किया जाता है। इन मंत्रों से मानसिक तनाव और नकारात्मक सोच धीरे-धीरे कम होती है। शांति मंत्र हमें अंदर से स्थिर और मजबूत बनाते हैं। इनका उद्देश्य केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन लाना होता है। नियमित जाप से मन शांत और सकारात्मक बना रहता है।
बच्चों के लिए कौन-सा शांति मंत्र अच्छा होता है?
बच्चों के लिए “ॐ शांति” और “ॐ सह नाववतु” मंत्र बहुत लाभकारी माने जाते हैं। इन मंत्रों से बच्चों का मन शांत रहता है और पढ़ाई में ध्यान बढ़ता है। रोज़ सुबह स्कूल जाने से पहले जाप करवाया जा सकता है। इससे डर, घबराहट और आलस्य कम होता है। बच्चों में आत्मविश्वास और समझ धीरे-धीरे बढ़ती है।
शांति मंत्र का रोज़ जाप करने से क्या लाभ होते हैं?
रोज़ शांति मंत्र का जाप करने से मन को गहरी शांति मिलती है। नकारात्मक सोच और बेवजह की चिंता कम हो जाती है। घर का वातावरण शांत और सकारात्मक बना रहता है। आत्मविश्वास बढ़ता है और निर्णय लेने की शक्ति मजबूत होती है। व्यक्ति अंदर से हल्का, संतुलित और खुश महसूस करता है।
निष्कर्ष
शांति मंत्र हमारे जीवन में मन की शांति और संतुलन बनाए रखने का सरल उपाय हैं। इन मंत्रों का रोज़ थोड़ा-सा जाप करने से तनाव, डर और नकारात्मक सोच धीरे-धीरे कम होने लगती है। शांति मंत्र न केवल मन को शांत करते हैं, बल्कि सोचने की शक्ति और आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं। जब मन शांत होता है, तो जीवन के फैसले सही होते हैं और रिश्तों में भी मधुरता बनी रहती है। अगर शांति मंत्र को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया जाए, तो जीवन ज्यादा सुखद और हल्का महसूस होने लगता है।